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*ABHIJEET RANE (AR)*

*ABHIJEET RANE (AR)* मनसे ने शिवसेना पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तो नींद ही उड़ा दी है, शिवसेना में मची रार का फायदा अब मनसे चीफ राज ठाकरे उठाने की कोशिश कर रहे हैं। एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे के बीच इस बारे में चर्चा तक हो चुकी है और आने वाले वक्त में शिवसेना पर कब्जे के लिए उद्धव और राज ठाकरे में टकराव के आसार बन सकते हैं। www.abhijeetrane.in *ABHIJEET RANE (AR)* यदि राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच समझौता होता है, तो मनसे को भी फायदा होगा और शिंदे गुट को भी ‘ठाकरे’ नाम का सहारा मिल जाएगा। दरअसल, शिंदे गुट के बागी विधायक भी मनसे में मर्ज होने के लिए तैयार हैं। राज ठाकरे भी प्रखर हिंदुत्व की राह पर चलते हैं। www.abhijeetrane.in *ABHIJEET RANE (AR)*

मनसे और शिंदे गुट एक होंगे तो उद्धव ठाकरे की मौजूदा सेकुलर छवि तार तार होने की संभावना है। विधानसभा में मनसे का एक विधायक है। अगर शिंदे गुट ने राज से हाथ मिलाया, तो उद्धव के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है और शिवसेना उनके हाथ से निकल सकती है। राज ठाकरे ऐसे नेता हैं, जो भले शिवसेना में न हों, लेकिन शिवसेना के कैडर में उनकी इज्जत है। यानी कि अगर वे शिवसेना पदाधिकारियों को बड़े पैमाने पर तोड़ लें, तो शिंदे की मदद से वो शिवसेना को भी उद्धव के हाथ से झटक सकते है। www.abhijeetrane.in *ABHIJEET RANE (AR)* शिवसैनिकों का उपद्रव यदि थमा नहीं तो सत्ताधारी महा विकास आघाडी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। क्योंकि तब केंद्र सरकार को राज्य में सरकार बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने में सहायता मिलेगी।मजे की बात यह है कि अधिकांश उपद्रव शिवसेना के गढ़ मुंबई में ही हो रहे है। राज्य के बाकी हिस्सों में आमतौर पर शांति ही है। www.abhijeetrane.in *ABHIJEET RANE (AR)* एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार महा विकास आघाडी सरकार बचाने के लिए एक्शन के मोड़ में हैं। जबकि यह वही शिवसेना है एनसीपी के साथ जिसके गठबंधन को वैचारिक वजहों से बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा खारिज किया था। बालासाहेब के बाद शिवसेना की स्थिति यह हो गई है कि शरद पवार से सलाह लेना पड़ रहा है। वे उद्धव ठाकरे को घुड़की भी दे रहे हैं। शिवसेना की इतनी बुरी दशा और कभी नहीं थी। www.abhijeetrane.in

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